रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा- स्टूडेंट्स फॉरेन डिग्रियों पर डॉलर्स खर्च करना बंद करें, छात्र अब देश में रहेंगे और पढ़ेंगे
National Educational Policy पर बोलते हुए शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि विदेशी डिग्रियों पर अब डॉलर्स खर्च करना बंद करें. विस्तार से जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर.

Education Minister On NEP: यूनियन एजुकेशन मिनिस्टर रमेश पोखरियाल निशंक ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी पर बोलते हुए कहा कि, स्टूडेंट्स को अब विदेशी डिग्रियों पर डॉलर्स खर्च करने की जरूरत नहीं है. नई एजुकेशन पॉलिसी, ग्लोबल स्टैंडर्ड्स को मैच करते हुए ही बनाई गई है. निशंक आईआईटी खड़गपुर में एक वेबिनार को संबोधित करते हुए बोल रहे थे.
छात्र अब देश में रहेंगे और पढ़ेंगे
निशंक ने कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली काफी मजबूत है और अनुसंधान तकनीकी उच्च गुणवत्ता वाली है. उन्होंने आगे कहा कि, “हमारे कुछ छात्रों को विदेशी विश्वविद्यालयों में एडमिशन लेने के लिए डॉलर्स में पैसा खर्च करने की कोई आवश्यकता नहीं है. हमारे पास सभी बुनियादी ढांचे और सुविधाएं हैं. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने इस मुद्दे पर ध्यान दिया है. हमारे छात्र अब देश में रहेंगे और पढ़ेंगे, ”.
भारत आएंगी विदेशी यूनिवर्सिटीज
पोखरियाल ने बात आगे बढ़ाते हुए यह भी कहा कि, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में परिसरों की स्थापना के लिए आमंत्रित किया है और भारतीय विश्वविद्यालयों को विदेशी परिसर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया है ताकि छात्रों को भारत में रहने और भारत का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया जाए". उन्होंने यह भी कहा कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का क्रेडिट बैंक सिस्टम, ग्लोबल एजुकेशन प्रोग्राम्स के अनुसार है. उनके शब्दों में कहें तो, "क्रेडिट बैंक प्रणाली छात्रों को शैक्षणिक कार्यक्रमों से ब्रेक लेने में सक्षम बनाती है, इस प्रकार प्रमाण पत्र, डिप्लोमा और डिग्री प्रदान करती है,".
भारत की शिक्षा प्रणाली होगी इंटरनेशनल लेवल की
शिक्षा मंत्री ने उम्मीद जताई कि 2014 के बाद से सरकार के विभिन्न एजुकेशनल इनिशियेटिव्स के तहत विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने और देश की उच्च शिक्षा को मजबूत करने का काम करेंगे. यह वेबिनार, इंडियाः द ग्लोबल डेस्टिनेशन फॉर हायर एजुकेशन – पोस्ट एनईपी 2020 सिनैरियो, विषय पर आयोजित हुआ था.
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