BSTC Exam के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न 2020
राजस्थान का इतिहास प्रश्न उत्तर-
प्रश्न-1. भारतीय लोक कला (Folk arts) मंडल उदयपुर संग्रहालय का निर्माण 1952 में किसके द्वारा करवाया गया था ?
(अ) देवीलाल सामर
(ब) कोमल कोठारी
(स) सुबोध कुमार
(द) संजय गुप्ता
(अ) देवीलाल सामर
व्याख्या- इस संग्रहालय का निर्माण 1952 में देवीलाल सामर द्वारा करवाया गया था यह बाल कठपुतली समारोह का आयोजन होता है यहां लोग धर्मी कलाओं का एक प्रसिद्ध केंद्र भी प्रारंभ किया गया है यहां शिल्पहार का निर्माण भी किया जाता है
प्रश्न-2. किस शोध संस्थान ( Research Institute) की स्थापना 1964 में रामनवमी के दिन सुबोध कुमार द्वारा की गई थी ?
(अ) राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट्स जयपुर
(ब) रूपायन संस्थान बोरुंदा जोधपुर
(स) नगर श्री लोक संस्कृति शोध संस्थान चूरू
(द) बिड़ला तकनीकी म्यूजियम झुंझनूं
(स) नगर श्री लोक संस्कृति शोध संस्थान चूरू
व्याख्या- इस संस्थान की स्थापना 1964 में रामनवमी के दिन सुबोध कुमार द्वारा की गई थी यह संस्थान अजमेर सीकर चूरू झुंझुनू नागौर Bikaner की संस्कृति से संबंधित मुंडिया लिपि व लिखित प्राचीन बहियों हेतु प्रसिद्ध है
प्रश्न-3. मूहणोत नैंसी को राजपूताने का Abul fazal किस प्रसिद्ध लेखक ने उपनाम दिया था?
(अ) दयालदास
(ब) मुंशी देवी प्रसाद
(स) अबुल फजल
(द) डॉ दशरथ शर्मा
(ब) मुंशी देवी प्रसाद
व्याख्या- इनका जन्म 18 फरवरी 1848 को जयपुर में हुआ था मुंशी देवी प्रसाद ने ही मूहणोत नैंसी को राजपूताने का अबुल फजल उपनाम दिया था इन्होंने बीकानेर के शासक राय सिंह को राजपूताने का कर्ण की संज्ञा दी इनका 1923 में देहावसान हो गया
प्रश्न-4. किस लेखक का जन्म आगरा में हुआ था इनके पिता का संबंध राजस्थान के नागौर जिले से था ?
(अ) बिहारी
(ब) शारंगधर
(स) अबुल फजल
(द) श्यामल दास
(स) अबुल फजल
व्याख्या- अबुल फजल का जन्म आगरा में हुआ था लेकिन उनके पिता शेख मुबारक मूल रूप से नागौर के निवासी थे इनके बड़े भाई का नाम फैजी था। फैजी व अबुल फजल दोनों भाई अकबर के नवरत्नों में शामिल थे अकबर के कहने पर अबुल फजल ने Akbarnama ग्रंथ की रचना की जो तीन भागों में है
प्रश्न-5. किस साहित्यकार द्वारा सार्दुल राजस्थानी रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना बीकानेर में की गई ?
(अ) कल्याण सिंह
(ब) डॉ दशरथ शर्मा
(स) पंडित गौरीशंकर हीराचंद ओझा
(द) सूर्यमल मिश्रण
(ब) डॉ दशरथ शर्मा
व्याख्या- डॉ दशरथ का जन्म 1903 में चूरू में हुआ था इन्होंने 1945 में सार्दुल राजस्थानी रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना बीकानेर में की थी इनके प्रमुख ग्रंथों में राजस्थान थ्रू दी एजाज ,अर्ली चौहान डायनेस्टीज, सम्राट पृथ्वीराज चौहान तृतीय व उनका युग आदि है
प्रश्न-6. हिंदी में पहली बार भारतीय प्राचीन लिपि शास्त्र (Ancient scriptures) लेखन कर अपना नाम गिनीज वर्ल्ड बुक में दर्ज करवाने वाले साहित्यकार हैं ?
(अ) सूर्यमल मिश्रण
(ब) केसरी सिंह बारहठ
(स) मुहणोत नैंसी
(द) पंडित गौरीशंकर हीराचंद ओझा
(द) पंडित गौरीशंकर हीराचंद ओझा
व्याख्या- पंडित गौरीशंकर हीराचंद ओझा का जन्म 1863 में रोहिड़ा गांव सिरोही में हुआ था इन्होंने हिंदी में पहली बार भारतीय प्राचीन लिपि शास्त्र लेखन कर अपना नाम गिनीज वर्ल्ड बुक में दर्ज करवाया पंडित हीराचंद ओझा ने सबसे पहले 1911 में सिरोही का इतिहास लिखा बाद में इन्होंने राजपूताने का प्राचीन इतिहास तथा सोलंकियों का प्राचीन इतिहास लिखा। पंडित गौरीशंकर ओझा ने उदयपुर बांसवाड़ा डूंगरपुर बीकानेर जोधपुर आदि रियासतों का इतिहास लिखा इनको 1914 में राय बहादुर की उपाधि से नवाजा गया था
प्रश्न-7. राजस्थान में बौद्ध संस्कृति ( Buddhist culture) के अवशेष कहां मिले ?
(अ) गोसुंडा
(ब) ओसिया
(स) नागदा
(द) बैराठ
(द) बैराठ
व्याख्या- इस शिलालेख में बौद्ध धर्म (Buddhism) की प्रगति और प्रचार का वर्णन है अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए क्या-क्या प्रत्यन किए थे आदि इससे ज्ञात होता है
प्रश्न-8. महाभारत काल में कौन सा राज्य राजनीतिक गतिविधियों (Political activities) का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है ?
(अ) जांगल देश
(ब) मेदपाट
(स) हाड़ोती
(द) मत्स्य देश
(द) मत्स्य देश
व्याख्या- अलवर करौली जयपुर तथा भरतपुर का कुछ भाग मत्स्य देश का क्षेत्र था इसकी राजधानी विराटनगर( आधुनिक बैराठ) थी महाभारत काल में यह राज्य राजनीतिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है
प्रश्न-9. हिंदुस्तान का निर्णायक युद्ध है ?
(अ) तराइन का प्रथम युद्ध
(ब) तराइन का द्वितीय युद्ध
(स) सुमेल गिरी का युद्ध
(द) तुमुल युद्ध
(ब) तराइन का द्वितीय युद्ध
व्याख्या- नयन चंद्र सूरी कृत रंबा मंजरी नाटक के अनुसार दल पुंगल विश्व विजेता नामक उपाधि कन्नौज नरेश जयचंद गढ़वाल की है तराइन के द्वितीय युद्ध का वास्तविक नाम नरायन युद्ध है क्योंकि तराइन द्वितीय युद्ध के पश्चात ही हिंदुस्तान में सर्वप्रथम 1206 ई. मे तुर्कों ने कुतुबुद्दीन ऐबक के नेतृत्व में अजमेर व दिल्ली में चौहान सत्ता का अंत कर के प्रथम मुस्लिम साम्राज्य की स्थापना Delhi Sultanate के नाम से की थी राजस्थान का निर्णायक युद्ध सुमेल गिरी युद्ध है
प्रश्न-10. अकबर ने राणा के लिए किस को प्रथम दूत के रूप में भेजा ?
(अ) राजा भारमल
(ब) जलाल खाँ
(स) मानसिंह
(द) भगवंत दास
(ब) जलाल खाँ
व्याख्या- मुगल मेवाड़ संधि हेतु सर्वप्रथम जाने वाले दूत राजा भारमल तत्पश्चात टोडरमल व भगवंत दास गए थे किंतु यह दोनों राजा उदय सिंह के के पास गए थे ना कि राणा प्रताप के पास राणा प्रताप के पास जाने वाले पहले दूत जलाल खाँ कोची थे राजा मान सिंह जलाल खाँ के बाद जाने वाले दूसरे राजदूत
प्रश्न-11. 4000 वर्ष पुरानी सभ्यता के पुरातात्विक अवशेष उदयपुर के समीप किस गांव में पाए गए ?
(अ) देलवाड़ा
(ब) जगत
(स) आहड़
(द) एकलिंग जी
(स) आहड़
व्याख्या- इस संस्कृति को तांबे के औजारों का केंद्र होने के कारण ताम्रवती नगरी भी कहा जाता था आहड़ नदी के किनारे इस संस्कृति का विकास हुआ पुरातात्विक एच.डी.साकलिया ने इसे बनास संस्कृति भी कहा है यहां खुदाई में इस सभ्यता के तीन चरणों का पता चला है प्रथम चरण में स्फटिक पत्थरों के उपकरण प्राप्त हुए हैं दूसरे चरण में ताम्र कास्य तथा लोह युग के उपकरण मिले हैं और तीसरे चरण में मृदभांड संबंधित सामग्री प्रचुर मात्रा में मिली है
प्रश्न-12. मन्सूर है?
(अ) कपड़े का एक प्रकार
(ब) जाति का प्रकार
(स) कर का प्रकार
(द) आदेश का प्रकार
(द) आदेश का प्रकार
व्याख्या- यह एक प्रकार का शाही आदेश होता था जो की बादशाह की मौजूदगी में शहजादे द्वारा जारी किया जाता था उत्तराधिकार युद्ध के समय शहजादा औरंगजेब ने अपने हस्ताक्षरित शाही आदेश जारी किए वहीं मन्सूर कहलाए।
प्रश्न-13.पाहीकाश्त संबंधित है?
(अ) किसानों से
(ब) जमीदारों से
(स) राजाओं से
(द) मजदूरों से
अ- किसानों से
व्याख्या- जिन किसानों के पास अपने गांव में कृषि भूमि नहीं थी वह अन्य गांव में कृषि भूमि प्राप्त करते थे।ऐसे किसानों को पाही काश्तकार कहा जाता था अर्थात किसी दूसरे गांव से आकर खेती करने वाला कृषक पाही कहलाता था
प्रश्न-14.नान कर से तात्पर्य है?
(अ) बालक की शादी पर दिया जाने वाला कर
(ब) रोटी के लिए कार्य
(स) अपराधिक कर
(द) आयात और निर्यात कर
(स) अपराधिक कर
व्याख्या- नान कर( बेगार प्रथा) नान कर का तात्पर्य रोटी के लिए कार्य करना था इन लोगों की स्थिति जागीर क्षेत्रों जैसी ही थी ।इनसे न कोई लाग ली जाती थी कि नहीं किसी प्रकार की सेवा । इनसे मात्र उत्तराधिकारी शुल्क लिया जाता था किसी व्यक्ति से बिना सहमति एवं मजदूरी के काम लेने को बेगार कहा जाता है राजा जागीरदार उनके कर्मचारी प्रजा से बेगार लेना अपना हक समझते थे बेगार के कई प्रकार थे। ब्राह्मणों और राजपूतों को छोड़कर सभी जातियों को बेगार देने के लिए विवश किया जाता था जागीर क्षेत्र में लाग-बाग का स्वरूप बड़ा ही भयंकर था। निम्न जाति के किसानों से भू राजस्व, लालबाग भी अधिक मात्रा में वसूल की जाती थी यह वर्ग सामाजिक एवं आर्थिक दोनों ही रूपों में पिछड़ा एवं शोषित था।
प्रश्न-15.अड़सट्टा संबंधित है?
(अ) Jodhpurराज्य
(ब) Udaipur राज्य
(स) Jaipur राज्य
(द) Bikaner राज्य
(स) Jaipur राज्य
व्याख्या- अड़सट्टा जयपुर राज्य का भूमि संबंधी रिकॉर्ड है जो तोजी वरको के रूप में है जिसमें जयपुर राज्य के परगनो में जितने मौजे थे उनकी भूमि पैदावार आदि का विवरण मिलता है
प्रश्न-16. मध्यकाल में सायर दरोगा कहलाते हैं?
(अ) चुंगी कर वसूलने वाले अधिकारी
(ब) राजस्व कर वसूलने वाले अधिकारी
(स) धार्मिक कर्म करने वाले अधिकारी
(द) शांति व्यवस्था स्थापित करने वाले अधिकारी
(अ) चुंगी कर वसूलने वाले अधिकारी
व्याख्या- सायर दरोगा परगने में चुंगी कर वसूल करने वाले अधिकारी होते थे जिनकी नियुक्ति राज्य करता था इसकी सहायता के लिए अमीन होते थे
प्रश्न-17. मुश्तरका है?
(अ) आदिवासियों की प्रथा
(ब) भूमि का प्रकार
(स) गायन शैली
(द) भोजन का एक भाग
(ब) भूमि का प्रकार
व्याख्या- मारवाड़ राज्य में कुछ गांव ऐसे थे जिनकी आय जागीरदार और राज्य में बंटी हुई थी ऐसी भूमि को मुश्तरका कहा जाता था
प्रश्न-18. मध्यकालीन राजस्व प्रशासन ( Revenue administration) में सभी प्रकार के लगानों से मुक्त भूमि कहलाती थी?
(अ) परसातिया
(ब) डूबका
(स) घरूहाला
(द) हकत-बकत
(अ) परसातिया
व्याख्या- परसातिया सभी प्रकार के लगानों से मुक्त भूमि थी। यह भूमि दरबार या जागीरदार द्वारा राज्य सेवा करने वाले व्यक्तियों को उनकी राज्य सेवा के बदले प्रदान की जाती थी लेकिन राज्यसेवा की समाप्ति पर इस भूमि को पून:राज्य अधिकार में ले लिया जाता था
प्रश्न-19. मध्यकाल में किस रियासत के प्रधानमंत्री को मुसाहिब कहा जाता था?
(अ) Jaisalmer
(ब) Bikaner
(स) Jaipur
(द) Kota
(स) Jaipur
व्याख्या- जयपुर रियासत के प्रधानमंत्री को मूसाहिब कहा जाता था जबकि कोटा और बूंदी में दीवान मेवाड़ मारवाड़ और जैसलमेर में प्रधान और बीकानेर में मुख्त्यार करते थे मध्यकालीन राजस्थान के राज्यों में शासक के बाद सबसे महत्वपूर्ण अधिकारी के रूप में प्रधान को जाना जाता था इसका कार्य शासन सैनिक और न्याय संबंधी कार्यों में उनकी सहायता करना था मारवाड़ और अन्य राज्यों में भूमि अनुदानों पर प्रधान के हस्ताक्षर होना आवश्यक था और यह परिवर्तन मुगलों के आगमन से और उनके साथ संधि होने या उनके दरबार के संपर्क में आने से हुए
प्रश्न-20. कौन सा कथन सही नहीं है?
(अ) खालसा भूमि राजा के नियंत्रण में होती थी
(ब) जागीरी भूमि पर जागीरदार या ठिकाने दार का पैतृक नियंत्रण होता था
(स) चरणोंत भूमि पर राजा का नियंत्रण होता था
(द) इनाम भूमि लगान मुक्त होती थी
(स) चरणोंत भूमि पर राजा का नियंत्रण होता था
व्याख्या- चरणोंत उस भूमि को कहते थे जो गांव के पशुओं के लिए चारा उगाने के लिए छोड़ी जाती थी ऐसी भूमि ग्राम पंचायत के नियंत्रण में होती थी गांव के सभी पशु सार्वजनिक रूप से इस भूमि पर चरते थे इस भूमि को चारागाह/चरणोंत / ओरण/गौचर भी कहते हैं
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