PM-किसान सम्मान निधि: नहीं मिली तीसरी किश्त तो जानें पाने का क्या है तरीका!
70 लाख किसानों के बैंक अकाउंट में पहुंची प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (Pradhan Mantri kisan samman Nidhi scheme) की तीसरी किश्त लेकिन यूपी में किसी को नहीं मिली!
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (Pradhan Mantri kisan samman Nidhi scheme) की तीसरी किश्त किसानों के बैंक अकाउंट में जानी शुरू हो गई है. इसके तहत 12 सितंबर तक 70 लाख 24 हजार 333 किसानों को 2-2 हजार रुपये की अंतिम किश्त मिली है. योजना के पहले चरण में पूरा पैसा पाने वाले अभी इतने ही किसान हैं. यदि आपकी तीसरी किश्त नहीं मिली है तो अपने क्षेत्र के कृषि अधिकारी से बात करें. वहां से भी सुनवाई न हो तो केंद्रीय कृषि मंत्रालय के किसान हेल्प डेस्क (PM-KISAN Help Desk) को ई-मेल Email (pmkisan-ict@gov.in) करें. बात न बने तो इस सेल के नंबर 011-23381092 (Direct HelpLine) पर फोन करके अपनी समस्या बता दें.आजादी के बाद यह पहली बार है कि किसानों को खेती-किसानी के लिए उनके अकाउंट में डायरेक्ट पैसे भेजे जा रहे हैं. पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत इस साल 87 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. केंद्रीय कृषि मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक जिन राज्यों में तीसरी किश्त का पैसा गया है उनमें गैर बीजेपी शासित आंध्र प्रदेश पहले नंबर पर है. यहां पर 16,35,059 किसानों अंतिम किश्त मिल चुकी है. बताया गया है कि योजना के पहले चरण की अंतिम किस्त देने में इसलिए देरी हो रही है क्योंकि इसमें किसानों का वेरीफिकेशन हो रहा है. जबेकि पहली और दूसरी किश्त लोकसभा चुनाव के चक्कर में आनन-फानन में भेजी गई थी.
इसी तरह बीजेपी शासित गुजरात में 13,99,099 किसानों तक अंतिम किश्त पहुंच चुकी है. लेकिन यूपी में एक भी किसान तक अंतिम किस्त का पैसा नहीं पहुंचा है. असम में 9,59,747, बिहार में 4,25,073, हरियाणा में 3,59,810, केरल में 4,21,955, महाराष्ट्र में 5,20,452 और उत्तराखंड में 2,45,203 किसानों तक तीसरी किश्त पहुंच चुकी है. लेकिन 17 राज्यों के किसान अभी इसका इंतजार कर रहे हैं.
स्कीम का हो चुका है विस्तार
लोकसभा चुनाव से पहले जब यह स्कीम शुरू हुई थी तो इसके लिए सिर्फ लघु एवं सीमांत किसान योग्य थे. लेकिन चुनाव बाद सरकार ने इसे बढ़ाकर सभी 14.5 करोड़ किसानों के लिए लागू कर दिया. इसलिए इसका बजट 75 हजार करोड़ से बढ़कर 87 हजार करोड़ हो गया. मोदी सरकार को उम्मीद है कि इस स्कीम के तहत सालाना 6-6 हजार रुपये पाने से किसानों की स्थिति बेहतर होगी. छोटे किसान खेती के लिए कर्ज लेने पर मजबूर नहीं होंगे और उनकी आय बढ़ेगी.
लोकसभा चुनाव से पहले जब यह स्कीम शुरू हुई थी तो इसके लिए सिर्फ लघु एवं सीमांत किसान योग्य थे. लेकिन चुनाव बाद सरकार ने इसे बढ़ाकर सभी 14.5 करोड़ किसानों के लिए लागू कर दिया. इसलिए इसका बजट 75 हजार करोड़ से बढ़कर 87 हजार करोड़ हो गया. मोदी सरकार को उम्मीद है कि इस स्कीम के तहत सालाना 6-6 हजार रुपये पाने से किसानों की स्थिति बेहतर होगी. छोटे किसान खेती के लिए कर्ज लेने पर मजबूर नहीं होंगे और उनकी आय बढ़ेगी.
कुछ किसानों पर शर्त लागू-
केंद्र सरकार ने सभी किसानों के लिए स्कीम लागू कर दी है फिर भी कुछ शर्तें लागू हैं.
>>एमपी, एमएलए, मंत्री और मेयर को भी लाभ नहीं दिया जाएगा, भले ही वो किसानी भी करते हों.
>>केंद्र या राज्य सरकार में अधिकारी एवं 10 हजार से अधिक पेंशन पाने वाले किसानों को लाभ नहीं.
>>पेशेवर, डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, वकील, आर्किटेक्ट, जो कहीं खेती भी करता हो उसे लाभ नहीं मिलेगा.
>>पिछले वित्तीय वर्ष में इनकम टैक्स का भुगतान करने वाले इस लाभ से वंचित होंगे.
>>हालांकि, केंद्र और राज्य सरकार के मल्टी टास्किंग स्टाफ/चतुर्थ श्रेणी/समूह डी कर्मचारियों लाभ मिलेगा.
केंद्र सरकार ने सभी किसानों के लिए स्कीम लागू कर दी है फिर भी कुछ शर्तें लागू हैं.
>>एमपी, एमएलए, मंत्री और मेयर को भी लाभ नहीं दिया जाएगा, भले ही वो किसानी भी करते हों.
>>केंद्र या राज्य सरकार में अधिकारी एवं 10 हजार से अधिक पेंशन पाने वाले किसानों को लाभ नहीं.
>>पेशेवर, डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, वकील, आर्किटेक्ट, जो कहीं खेती भी करता हो उसे लाभ नहीं मिलेगा.
>>पिछले वित्तीय वर्ष में इनकम टैक्स का भुगतान करने वाले इस लाभ से वंचित होंगे.
>>हालांकि, केंद्र और राज्य सरकार के मल्टी टास्किंग स्टाफ/चतुर्थ श्रेणी/समूह डी कर्मचारियों लाभ मिलेगा.
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